Thursday, August 9, 2018

हरिवंश नारायण सिंह कौन है?

राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन के पद के लिए, चुनाव आज हुआ और एनडीए के उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह ने 125 वोट जीते। चुनाव कागजात लगाने के तुरंत बाद सुबह 11 बजे आयोजित किया गया था। केजे से कांग्रेस टिकट पर राज्यसभा के लिए चुने गए पीजे कुरियन की सेवानिवृत्ति के बाद जून के बाद से डिप्टी चेयरमैन का पद रिक्त पड़ा था।

  • हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून 1956 को उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ था। 
  • रिपोर्ट के अनुसार, सिंह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की जाती है और रांची में रहती है। वह जेडी-यू के पहले समय के सांसद हैं। 
  • वह अप्रैल 2014-अप्रैल -2020 के लिए चुने गए हैं। 
  • वह एक पूर्व पत्रकार और हिंदी दैनिक प्रभात खबर के पूर्व संपादक-इन-चीफ हैं। 
  •  हरिवंश नारायण सिंह पूर्व प्रधान मंत्री चंद्रशेखर के मीडिया सलाहकार भी थे
  • हरिवंश ने अपनी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा गांव के सटे टोला काशी राय स्थित स्कूल से शुरू की। उसके बाद, जेपी इंटर कालेज सेवाश्रम (जयप्रकाशनगर) से 1971 में हाईस्कूल पास करने के बाद वे वाराणसी पहुंचे। वहां यूपी कॉलेज से इंटरमीडिएट और उसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक किया और पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री हासिल की।
  • अप्रैल 2014 में उन्हें राज्यसभा के लिए बिहार से चुना गया। उनका कार्यकाल अप्रैल 2020 में पूरा होगा। हरिवंश को जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में डिप्लोमा के दौरान ही वर्ष 1977-78 में टाइम्स ऑफ इंडिया समूह मुंबई में प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में उनका चयन हुआ। 
  • इसके बाद वे टाइम्स समूह की साप्ताहिक पत्रिका धर्मयुग में 1981 तक उप संपादक रहे। 1981-84 तक हैदराबाद एवं पटना में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की और वर्ष 1984 में इन्होंने पत्रकारिता में वापसी की और 1989 अक्तूबर तक आनंद बाजार पत्रिका समूह से प्रकाशित रविवार साप्ताहिक पत्रिका में सहायक संपादक रहे।
सोमवार को राज्यसभा अध्यक्ष एम। वेंकैया नायडू ने सत्तारूढ़ एनडीए और एकजुट विपक्ष के बीच प्रतियोगिता की तारीखों की घोषणा की थी। चुनाव एक करीबी संबंध होने की संभावना है क्योंकि विपक्षी दल की संख्या बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए पर संख्याओं के मुकाबले बढ़त है।

संवाददाताओं से बात करते हुए, हरिवंश ने कहा था कि वह सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार थे। उन्होंने कहा, "मुझे मीडिया के माध्यम से पता चला है कि मैं राज्यसभा के उप सभापति पद के लिए एनडीए का उम्मीदवार हूं। मैं एनडीए में पार्टियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। मुझे आशा है कि मैं सफल हो जाऊंगा।" पीएसी चुनाव में उनके नुकसान के बारे में पूछे जाने पर हरिवंश ने कहा कि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में लड़ा। उन्होंने कहा, "मैं एनडीए के उम्मीदवार (उपाध्यक्ष) हूं और वहां बहुत अधिक समर्थन होगा।"

दिलचस्प बात यह है कि हरिवंश ने बुरी तरह खो दिया, लोक लेखा समिति (पीएसी) में दो रिक्तियों को भरने के लिए मतदान में सोमवार को केवल 26 वोट प्राप्त हुए। टीडीपी का सीएम राज्यसभा में रमेश को 106 वोट मिले और पीएसी के लिए चुने गए।

Monday, April 24, 2017

वरिष्ठ नेता बच्चा पाठक का निधन

शेर ए बलिया, गरीबों के मसीहा जैसे उपनामों से विभूषित पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बच्चा पाठक का निधन वाराणसी के गैलेक्सी हॉस्पिटल में रविवार की शाम 5 बजे के करीब हो गया. 93 की उम्र पार कर चुके बच्चा पाठक का राजनीतिक सफर रेवती ब्लाक के प्रमुख बनने के बाद 1966 से प्रारम्भ हुआ था. प्रदेश में पाठक को वरिष्ठ कांग्रेसी के रूप में जाना जाता रहा है. पचास वर्षों से भी अधिक दिनों की राजनीतिक यात्रा में पूर्व मंत्री सात बार विधायक रहे.
1967 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर उन्होंने बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ कर प्रदेश की राजनीति में कदम रखा, किन्तु वे चुनाव हार गए. पुनः 1969 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े एवं जीत हासिल किए. तब से पाठक पीछे मुड़ कर नहीं देखे. 71, 74, 77 एवं 80 में उन्होंने लगातार जीत दर्ज कर बांसडीह विधान सभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किए. 1984 में किन्हीं कारण से उन्हें कांग्रेस से टिकट नहीं मिल सका. 1989 में कांग्रेस से फिर चुनाव लड़े, किन्तु असफल रहे. पुनः बांसडीह से 91 एवं 96 में वो  लगातार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते.
कहा जा सकता है कि एक विधानसभा से एवं एक ही पार्टी से सात बार विधायक बनने का रिकार्ड जनपद में बच्चा पाठक के नाम है. श्री पाठक उत्तर प्रदेश सरकार में दो बार कैबिनेट मंत्री रहे एवं कांग्रेस में वरिष्ठ सांगठनिक पदों पर रह कर दायित्वों का बखूबी निर्वहन किए. 1977 की जनता पार्टी की लहर में जब कांग्रेस का लगभग सफाया हो चुका था, उस वर्ष का चुनाव जीत कर पाठक काफी चर्चित रहे. तभी से कांग्रेस जनों ने उन्हें शेरे बलिया कह कर पुकारना शुरू किया. बच्चा पाठक चार इंटर कॉलेजों के प्रबंधक एवं एक महाविद्यालय के संस्थापक रहे हैं.
उनके भतीजे अशोक पाठक ने बताया कि पूर्व मंत्री का पार्थिव शरीर पैतृक आवास खानपुर में देर रात पहुंचेगा. सुबह जनता दर्शन के बाद दोपहर के बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी. पचरुखिया गंगा तट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
बांसडीह विधानसभा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पाठक जी की मौत से पूरा प्रदेश दुःखी है. ईश्वर दिवंगत को आत्मिक शांति प्रदान करें. बीते चुनाव में पाठक जी का योगदान कभी भूला नहीं जा सकता – रामगोविंद चौधरी (उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष), बलिया लाइव प्रतिनिधि रविशंकर पांडेय से बातचीत में.

पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बच्चा पाठक का निधन वाराणसी के गैलेक्सी हॉस्पिटल में.


 
 पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बच्चा पाठक का निधन वाराणसी के गैलेक्सी हॉस्पिटल में रविवार की शाम 5,30 बजे के करीब हो गया। इन्हें शेरे बलिया के नाम से भी जाना जाता था। 89 वर्ष की उम्र पार कर चुके श्री पाठक का राजनैतिक सफर बलिया जिले के रेवती ब्लाक के प्रमुख बनने के बाद 1966 से प्रारम्भ हुआ था।

प्रदेश में उनको वरिष्ठ कांग्रेसी के रूप में जाना जाता था। 50 वर्षों से भी ज्यादा की  राजनीतिक यात्रा में पूर्व मंत्री सात बार विधायक रहे। बच्चा पाठक उत्तर प्रदेश सरकार में दो बार काबीना मंत्री रहे एवं कांग्रेस संगठन के वरिष्ठ पदों पर रह कर दायित्वों का बखूबी निर्वाहन किये।

1967 में पहली  बार कांग्रेस के टिकट पर उन्होंने बांसडीह विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड कर प्रदेश की राजनीति में कदम रखा किन्तु वे चुनाव हार गए।1967 में कांग्रेस ने उन्हें बांसडीह से टिकट दिया। किन्तु वे चुनाव हार गए।

पुन: 1969 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े एवं जीत हासिल किया। तब से श्री पाठक पीछे मुड़ कर नहीं देखे। विधानसभा चुनाव 1971,1974,1977 एवं 1980 में उन्होंने लगातार जीत दर्ज कर बांसडीह का नेतृत्व किया। 1984 में किन्ही कारण से उन्हें कांग्रेस से टिकट नहीं मिल सका। 1989 में कांग्रेस से चुनाव लड़े किन्तु असफल रहे।

पुन:बांसडीह से 1991 एवं 1996 में वो  लगातार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। कहा जा सकता है कि एक ही विधानसभा से एवं एक ही पार्टी से सात बार विधायक बनने का रिकार्ड बलिया  में बच्चा पाठक के नाम है।

1977 की जनता पार्टी की लहर में जब कांग्रेस का लगभग सफाया हो चुका था उस वर्ष का चुनाव जीत कर काफी चर्चित रहे। तभी से कांग्रेस जनों ने उन्हें शेरे बलिया कह कर पुकारना शुरू किया।

पूर्व मंत्री के भ्रातृज अशोक पाठक ने बताया कि पूर्व मंत्री का पार्थिव शरीर खानपुर में सोमवार सुबह जनता दर्शन के बाद दोपहर के बाद उनकी शव यात्रा निकाली जाएगी। पचरुखिया गंगा तट पर अंतिम संस्कार किया जायेगा।

Thursday, June 23, 2016

Please help them if anyone has humanity and power …

I got a massage from Ajita Pandey, want some help...

Sir, myself Ajita Pandey resident of Japlinganj, Ballia. Sir, on 19th June some 15-20 antisocial persons forcefully entered in my residential house misbehaved, abused and threatened me to vacate my house within 2 days otherwise they will forcefully throw my belongings. Pl do needful and save the life of my family who are very much afraid. They came with Bollero number UP 60X 4001 and some motor bykes. Pl do needful and request you with folded hands to take initiative in such an urgency pl. Sir, further we came to know that they are man & people of one property dealer namely Karimulla Kabadi of Ballia.

Pl help my family at Ballia who are very much afraid. Sir, the OC Japlinganj is not taking any serious action against the group, who are forcefully entering in my house in day light and his opinion advising us to leave and vacate our own house. By encouraging from his inaction, the group of Karimulla Kabadi today on 21st June also came to our house and forcefully broken the lock of 5th floor and put their lock, inside which our day to day belongings and study books of our children are there. Sir, it is fact that we can not continue in our own house without the help of police althogh status quo order has been passed by the civil court. But, those gunda type antisocial people are not having respect and regards of court order and  voilating the court order.

Sir we are helpless and unable to understand what to do, pl help us and advise us what to do. Sir, no male member of our family except me with small kids are now present here. Today on 23rd June also they came to our residence at about 4 pm, abused us in vulgar language and shifted some of my belongings and households. We informed to IC/Japlinganj, Ballia, but no action from his side rather he is forcing us to leave our own house. Sir, we are very much afraid. Kindly request you with folded hands to help us and restore peaceful environments.

Please help them if anyone has humanity and power …

Friday, June 3, 2016

एक_बेटी_का_पत्र_पिता_के_नाम‬...

...पापा मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो ,
..आँसू छिपाते हो फेर कर नज़रे,
..इतना फीका मुस्कुराया न करो ..पापा मुझे छोड़ने आया न करो
... हिदायत से घर भर की लाइट्स बुझाते ,
... सोच कर भी न कितने सामान खरीदते ,
...गाड़ी का माइलेज चेक करते रहते ,
...मेरे हाथ में ए टी एम थमाया न करो ... पापा मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो ।
...पानी की बॉटल रखी या नही,
...टिकट कही भूली तो नही ,
...पर्स में खुले पैसे रखे या नही
..इतना नम प्यार जताया न करो ....पापा मुझे छोड़ने आया न करो ।
सीट के नीचे बैग जमाते ,
ध्यान रखना अकेली जा रही,
साथ की किसी महिला को बताते,
पल पल इतनी चिंता जताया न करो ...पापा मुझे छोड़ने आया न करो ।
पहुँचते ही कर देना फोन ,
अब कब होगा आना फिर तुम्हारा ,
रग रग कर देते हो तन्हा ,
उदासी से सर पर हाथ फिराया न करो ..आप स्टेशन आया न करो ।
मैं खामोश रीती हो जाती ,
जी भर ऐसे गले लगाया न करो ,
दूर तक देखती रह जाती हूँ बिखर कर,
ग़मगीन खड़े यू हाथ हिलाया न करो ,.. .....आप स्टेशन आया न करो ।
चप्पा चप्पा कर देते हो वीरान ,
रुन्धा गला बातो में छिपाया न करो,
मेरा आगा पीछा सोच सोच ,
अपना कलेजा दुखाया न करो,...... मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो ।
फ़ोन पे बात न सूझती आपको,
लो अपनी माँ से बात करो ,
बाद में पूछते उनसे ब्यौरा सारा ,
हमारे नाम पाई पाई के कागज़ बनवाया न करो.... आप स्टेशन आया न करो ।

Saturday, May 28, 2016

पहले कुछ भी ऐब नहीं था भारत बेचने वालों में?

satire
पहले कुछ भी ऐब नहीं था भारत बेचने वालों में
भारत तो बर्बाद हुआ है बस पिछले दो सालों में
अब तो गंगा में भी देखो गंदे नाले बहते हैं
पहले बस अमृत बहता था सारे गंदे नालों में
पहले मुल्क की सारी दौलत सब लोगों में बंटती थी
बस अब की सरकार ने उसको बंद किया है तालों में
अब तो बस हैवान हैं सारे इन्सां जैसी शक्लों में
पहले बस भगवान् थे सारे इंसानों की खालों में
कितनी गन्दी बात है देखो कितनी उलटी दुनिया है
अब सत्ता का केंद्र नहीं है चोरों के रखवालों में
पहले की सारी खेती से केवल सोना उगता था
हीरों के टुकड़े मिलते थे चावल में और दालों में

Ajay Pandey Ji (Saaheb)

Tuesday, May 10, 2016

अजीब हैं दिल्‍ली के सीएम, इन तीन C पर डिपेंड केजरीवाल

देश में 29 राज्यों के मुख्यमंत्री हैं और दो केंद्रशासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां मुख्यमंत्री होते हैं। यानी कुल मिलाकर देश में 31 मुख्यमंत्री हैं। अरविंद केजरीवाल इनमें मुख्यमंत्रियों में से एक हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि जितनी कवरेज अरविंद केजरीवाल नेशनल मीडिया में पाते हैं, उतना तो किसी राष्ट्रीय पार्टी को भी नसीब नहीं हो पाता।
स्थिति ये है कि कवरेज के मामले में आम आदमी पार्टी बीजेपी-कांग्रेस को जोरदार टक्कर देती है। नेशनल मीडिया को देखें तो ऐसा लगता है कि इस समय पूरे देश में सिर्फ आम आदमी पार्टी विपक्षी पार्टी है और केजरीवाल विपक्ष के नेता। ऐसा क्यों है? बिना किसी लाग-लपेट के तर्क के सहारे सीधे-सीधे अपनी बात रख रहा हूं।
1- ऐसा लगता है कि केजरीवाल ने ये तय कर रखा है कि हर वक्त मीडिया में बने रहना है। चाहे अच्छी वजह से हो, चाहे बुरी वजह से, इसलिए वो कभी स्याही, कभी चप्पल के बहाने भी खबरों में आ जाते हैं। जब कोई खबर नहीं होती, तो किसी दूसरी बड़ी खबर में अपनी टांग अड़ा देते हैं। चाहे इससे पार्टी का या प्रदेश की जनता का कोई लेना-देना हो या न हो। कम से कम इस बहाने खबरों में रहने का मौका मिल जाता है। अगस्ता हेलिकॉप्टर मामला इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
2- केजरीवाल और उनकी टीम ने ये तय कर लिया है कि छापामार राजनीति करो। मतलब ये कि आरोप लगाओ और भाग जाओ। बाद की चिंता बाद में कर लेंगे। यही नहीं आरोप भी सीधे-सीधे आला नेताओं पर लगाओ। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि केजरीवाल टीवी की राजनीति करते हैं।
टीवी का फॉर्मूला ये है कि पल भर में खबरें बदल जाती हैं और खबर का फॉलोअप नहीं होता। लोग सब कुछ भूल जाते हैं, इसलिए केजरीवाल ये समझते हैं कि अगर आपने आरोप लगा भी दिए और सनसनीखेज तरीके से खबरें पैदा कर भी दीं, तो उस पर फॉलो अप करने वाला कोई नहीं होता। जनता भूल जाती है। शीला दीक्षित के खिलाफ सैकड़ों पन्नों के सबूत दिखाने वाले केजरीवाल अब शीला दीक्षित के खिलाफ ही दूसरों से सबूत मांग रहे हैं।
3-केजरीवाल और उनकी टीम ने अपनी सियासी जड़ों को मजबूत करने के लिए सबसे बड़ा और अचूक हथियार पत्रकारों और खासकर टीवी पत्रकारों को बनाया। इसका सबसे बड़ा सबूत ये है कि जब शुरुआती दिनों में वो राजनीति में उतरे, तो हर पत्रकार को ये सपना दिखाने में कामयाब हो गए कि वो भी राजनीति में आ सकते हैं, सांसद और विधायक भी बन सकते हैं। सबके लिए सुनहरे भविष्य को थाली में परोस दिया।
सच तो ये है कि उन दिनों हर पत्रकार अपने संसदीय सीट चुनने में लगा था। अब पत्रकार आम आदमी पार्टी के दम पर सपने देखेगा तो उसकी आलोचनात्मक समीक्षा क्या करेगा। मेरी इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण ये है कि केजरीवाल की टीम में ज्यादातर लोग पत्रकार ही हैं।
4-इस वक्त भी केजरीवाल ने कई चैनल और कई अखबार में आम आदमी पार्टी से जुड़े ऐसे समर्थक पैदा कर दिए हैं, जो पत्रकार कम उनके कैडर के तौर पर काम करते हैं। केजरीवाल सबसे पहले इन्हें खबर देते हैं। फिर जब इन पत्रकारों की खबरों को अखबार या चैनल चलाते हैं, तो यही पत्रकार उसे सोशल मीडिया में शेयर करते हैं। फिर केजरीवाल और उनकी टीम इन्हीं पत्रकारों और अखबार/चैनल की खबरें रिट्वीट करते हैं और आखिर में ये दावा करते हैं कि ये तो आपके अखबार या चैनल ने दिखाया है, लेकिन सच तो ये है कि सारी खबरें प्लांट होती हैं।
5-मार्केटिंग का एक बड़ा फंडा है। तीन नीतियों पर काम किया जाता है। किसी को अपनी बात मनाने के लिए तीन C का इस्तेमाल होता है। 1. CONVINCE 2. CONFUSE और 3. CORRUPT – टीम केजरीवाल मीडिया को अपने वश में करने के लिए इन तीनों नीतियों का सहारा लेती है। पहली कोशिश किस भी प्रोडक्ट की अच्छी बातें बताकर लोगों को आकर्षित करने की होती है। आम आदमी पार्टी भी अपने स्टाइल से लोगों को कन्वींस करने की कोशिश करती है ताकि बिना किसी परेशानी के खबरों में बने रहें।
दूसरा तरीका है कंफ्यूज करने का। उदाहरण के तौर पर आपने एक टुथपेस्ट का प्रचार देखा होगा जिसमें कहा जाता है- क्या आपके टूथपेस्ट में नमक है? ये अलग बात है कि लोगों को यही न पता हो कि नमक के टूथपेस्ट में होने से क्या फायदा है? टीम केजरीवाल इस तरीके का भी खूब इस्तेमाल करती है। मोदी के मार्कशीट की मांग करना कुछ ऐसा ही है।
दरअसल लोग समझ ही नहीं पाए इस मार्कशीट से किसी की प्यास बुझेगी, किसी का पेट भरेगा। लेकिन मीडिया में इतना प्रचारित कर दिया गया कि लोग दिल्ली की बाकी समस्या भूल गए और मीडिया में मार्कशीट की चर्चा होने लगी। केजरीवाल ने इस तरीके से लोगों को बेवकूफ बनाने की खूब कोशिश की।
तीसरा तरीका करप्ट करने का है। इसका उदाहरण ये है कि एक टूथपेस्ट के साथ दूसरा मुफ्त में दे दें। टीम केजरीवाल के बारे में इस तरह की बातें अक्सर सुनने को मिल रही हैं। अखबारों में बडे-बड़े विज्ञापन और नेशनल टीवी पर प्रचार में इतना पैसा बहाने के पीछे शायद यही कारण नजर आता है।
6- केजरीवाल इसके अलावा मीडिया को मैनेज करने के लिए धमकी का भी सहारा लेते हैं। एक अखबार के रिपोर्टर को सरेआम ट्वीटर पर धमकी, एक चैनल के खिलाफ अखबार में विज्ञापन छापना इसका सबसे बड़ा सबूत है।
बस ये समझ लीजिए कि जिस तरीके से केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने मीडिया में बने रहने के तरीके ढूंढ लिए हैं, और मीडिया सायास या अनायास इनके हाथों का खिलौना बनती जा रही है, वो खतरनाक है।

Thursday, November 19, 2015

अजीब सौदागर है ये वक़्त भी!!!!

क्या खूब लिखा है किसी ने
आगे सफर था और पीछे हमसफर था..
रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हमसफर छूट जाता..
मंजिल की भी हसरत थी और उनसे भी मोहब्बत थी..
ए दिल तू ही बता,उस वक्त मैं कहाँ जाता...
मुद्दत का सफर भी था और बरसो का हमसफर भी था
रूकते तो बिछड जाते और चलते तो बिखर जाते....
यूँ समँझ लो,
प्यास लगी थी गजब की...
मगर पानी मे जहर था...
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.
बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!
वक़्त ने कहा.....काश थोड़ा और सब्र होता!!!
सब्र ने कहा....काश थोड़ा और वक़्त होता!!!
सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब...।।
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।
"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है और "किस्मत" महलों में राज करती है!!
"शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,
पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने,
वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता"..
अजीब सौदागर है ये वक़्त भी!!!!
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया....
अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. .......

Monday, March 31, 2014

सीधी सी बात ये हैं कि..........

देखिये सीधी सी बात ये हैं कि ..............................................

● मुझे वाकई फर्क नहीं पड़ता कि मोदी अम्बानी के एजेंट हैं या अडानी के क्यूंकि मुझे विश्वास हैं वो पाकिस्तान के एजेंट नहीं हैं |

● मुझे नहीं मालूम कि मैं मोदी को वोट क्यूँ दूंगा लेकिन मुझे अच्छी तरह मालुम हैं कि मुझे कांग्रेस व AAP को वोट क्यूँ नहीं देना हैं |

● मुझे नहीं मालूम कि मोदी गुजरात के तरह ही देश को चला पायेंगे या नहीं लेकिन ये यकीन हैं कि वो वादे करके 49 दिन में भागेंगे नहीं |

● मुझे ये भी नहीं मालूम कि मोदी हिंदुत्व को आगे ला पायेंगे या नहीं लेकिन इसका यकीन हैं वो इमाम बुखारी व तौकीर रजा जैसों से हाथ नहीं मिलायेंगे |

● मुझे वाकई नहीं मालूम कि कांग्रेस ने क्या-क्या वादे किए हैं लेकिन ये अच्छी तरह मालूम हैं कि मोदी ने कितने वादे निभाए हैं |

● मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मोदी के पास 56 इंच का सीना हैं या नहीं लेकिन ये पता हैं कि उनके सीने में 'दम' हैं 'दमा' नहीं |

Thursday, January 23, 2014

वो कागज़ की कश्ती वो बारिश का पानी !!!!


# जब हम अपने शर्ट में हाथ छुपाते थे
और लोगों से कहते फिरते थे देखो मैंने
अपने हाथ जादू से हाथ गायब कर दिए
|

# जब हमें जब जब लगता की हम
विडियोगेम में हारने वाले हैं हम गेम
री-स्टार्ट कर देते थे |

# जब हमारे पास चार रंगों से लिखने
वाली एक पेन हुआ करती थी और हम
सभी के बटन को एक साथ दबाने
की कोशिश किया करते थे |

# जब हम दरवाज़े के पीछे छुपते थे
ताकि अगर कोई आये तो उसे डरा सके
लेकिन कभी कभी वहां से चल भी देते थे
क्यूंकि सामने से आने
वाला बंदा बड़ी देर कर
रहा होता था |

# जब आँख बंद कर सोने का नाटक करते
थे ताकि कोई हमें गोद में उठा के
बिस्तर तक पहुचा दे |

# सोचा करते थे की ये चाँद
हमारी साइकिल के पीछे पीछे
क्यों चल रहा हैं |

# On/Off वाले स्विच को बीच में
अटकाने की कोशिश किया करते थे |

# पानी की 2 बूंदों को खिड़की से
बहा के उनके बीच रेस लगवाया करते थे|

# फल के बीज को इस डर से नहीं खाते
थे की कहीं हमारे पेट में पेड़ न उग जाए |

# बर्थडे सिर्फ इसलिए मनाते थे
ताकि ढेर सारे गिफ्ट मिले |

# फ्रिज को धीरे से बंद करके ये जानने
की कोशिश करते थे की इसकी लाइट
कब बंद होती हैं |

# रूम में आते थे पर किसलिए आये
वो भूल जाते फिर बाहर जाके याद
करने की कोशिश करते |
=====

सच , बचपन में सोचते हम बड़े
क्यों नहीं हो रहे ?
और अब सोचते हम बड़े क्यों हो गए ?

ये दौलत भी ले लो..ये शोहरत भी ले लो ..भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
मगर मुझको लौटा दो बचपन
का सावन ....वो कागज़
की कश्ती वो बारिश का पानी !!!!

Saturday, December 14, 2013

पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर

क्या आप जानते है पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर के
8 अजूबे ????
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1.मन्दिर के ऊपर झंडा हमेशा हवा के विपरीत
दिशा में लहराते हुए।
2.पुरी में किसी भी जगह से आप मन्दिर के ऊपर लगे
सुदर्शन चक्र को देखेगे
तो वह आपको सामने ही लगा दिखेगा।
3.सामान्य दिन के समय हवा समुद्र से जमीन
की तरफ आती है, और शाम के
दौरान इसके विपरीत, लेकिन पूरी में
इसका उल्टा होता है.
4.पक्षी मंदिर के ऊपर उड़ते हुए नहीं पायेगें।
5.मुख्य गुंबद की छाया दिन के किसी भी समय
अदृश्य है.
6.मंदिर के अंदर पकाने के लिए भोजन की मात्रा पूरे
वर्ष के लिए रहती है। प्रसाद
की एक भी मात्रा कभी भी यह व्यर्थ नहीं जाएगी,
चाहे कुछ हजार लोगों से 20
लाख लोगों को खिला सकते हैं.
7. मंदिर में रसोई (प्रसाद)पकाने के लिए 7 बर्तन
एक दूसरे पर रखा जाता है और
लकड़ी पर पकाया जाता है. इस प्रक्रिया में शीर्ष
बर्तन में सामग्री पहले पकती है
फिर क्रमश: नीचे की तरफ एक के बाद एक पकते
जाती है।
8.मन्दिर के सिंहद्वार में पहला कदम प्रवेश करने पर
(मंदिर के अंदर से) आप
सागर द्वारा निर्मित किसी भी ध्वनि नहीं सुन सकते.
आप (मंदिर के बाहर से) एक
ही कदम को पार करें जब आप इसे सुन सकते हैं. इसे
शाम को स्पष्ट रूप से
देखा जा सकता है।
अगर किसी को ये पढकर गर्व हुआ है तो प्रेम से कहो
" जय जगन्नाथ जय जय जगन्नाथ "

Tuesday, November 26, 2013

क्या हिँदुस्तान मेँ हिँदु होना साँप्रदायिक है?

1- मुलायम- मैँ सत्ता मेँ रहू न रहू पर मुसलमानोँ का साथ देता रहूँगा...(जनता के साथ नहीँ बोला) फिर भी वो सेकुलर??
2- पीएम मनमोहन सिँह-देश के सँसाधनोँ पर पहला हक मुसलमानोँ का...(गरीब जनता का नहीँ) फिर भी वो सेकुलर??
3-राहुल गाँधी,अखिलेश हर जनसभा मेँ जालीदार टोपी पहनते हैँ क्या ये साँप्रदायिकता नहीँ है?
4-मुलायम और केजरी, बुखारी और तौकीर की शरणोँ मेँ सहयोग माँगने जाते हैँ तो सेकुलरिज्म कहलाता है?
5-नितीश मजारोँ पर जालीदार टोपी पहनकर चादर चढाने जाता है तो सेकुलर कहलाता है?

1-जब मोदी टीका लगायेँ तो साँप्रदायिक?
2-खुद को हिँदु राष्ट्रवादी कहेँ तो साँप्रदायिक?
3-साधू-सँतोँ का आर्शीवाद लेँ तो साँप्रदायिक?
4-जालीदार टोपी पहनकर जनता को टोपी नहीँ पहनाते तो साँप्रदायिक?
5-देश की जनता को हिँदु-मुसलिम मेँ न बाँटकर बल्कि 100 करोड हिँदुस्तानी कहते हैँ तो साँप्रदायिक हो जाते हैँ?
ये कैसा दोगलापन है हिँदु धर्म और हिँदु समाज के साथ?
क्या हिँदुस्तान मेँ खुद को हिँदु कहना साँप्रदायिक है?
क्या हिँदुस्तान मेँ हिँदु होना साँप्रदायिक है?

जागो भाइयोँ एवँ बहनोँ इन दोगले नेताओँ को उनकी औकात दिखा दो जो झूठे सेकुलरिज्म के नाम पर देश की जनता को बाँट रहे हैँ।

Remember Ranjhannaa Dialogues..??



Remember Ranjhannaa Dialogues..??

1."Humein apne gaal pe thapad se zyada uske gaal pe puppy ka sukh tha" xD

2. "Aye rickshaw waale, paise mat lena madam se bhabhi hai tumhari"

3."Aashiq ki tab nahi fatti jab mehbooba ki shaadi ho jaye par tab fatti hai jab khud ki shaadi ho"

4."Gali ke laundon ka pyaar aksar doctor aur engineer le jaate hai..dil chota na kar"

5. "Hum khoon bahaein tum aanson bahao..saala aashiqui na ho gaya lathicharge ho gaya" :|

6."Lanka dahan hona baaki tha kyunki hamara jawaan hona baaki tha".

7. "Ek baat main samajh gaya hoon. Ladki aur rocket aapko kahin bhi le jaa sakte hain" xD xP

8. "Tumhara pyaar na ho gaya..UPSC ka exam ho gaya. 10 saal se paas hi nai ho raha" =))

9. "Namaaz mein vo thi par aisa laga ki dua hamari qabool ho gayi" :')

and the ultimate!

10) Banaras ke pandit the hum, wo bhi kaale! Kaise chod dete!


Wednesday, October 2, 2013

माँ तो सबकी एक-जैसी होती है न

Must read 2 min lagenge...

बस से उतरकर जेब में हाथ डाला। मैं चौंक पड़ा। जेब कट चुकी थी।

जेब में था भी क्या? कुल नौ रुपए और एक खत,
जो मैंने माँ को लिखा था कि—मेरी नौकरी छूट गई है;

अभी पैसे नहीं भेज पाऊँगा…।
तीन दिनों से वह पोस्टकार्डजेब में पड़ाथा।

पोस्ट करने को मन ही नहीं कर रहा था।
नौ रुपए जा चुके थे। यूँ नौ रुपए कोई बड़ी रकम नहीं थी,
लेकिन जिसकी नौकरी छूट चुकी हो,
उसके लिए नौ रुपए नौ सौ से कम नहीं होते।

कुछ दिन गुजरे। माँ का खत मिला। पढ़ने से पूर्व मैं सहम गया।
जरूर पैसे भेजने को लिखा होगा।….
लेकिन, खत पढ़कर मैं हैरान रह गया।
माँ ने लिखा था—“बेटा, तेरा पचास रुपए
का भेजा हुआ मनीआर्डर मिल गया है।तू
कितना अच्छा है रे !…
पैसे भेजने में कभी लापरवाही नहीं बरतता।”

मैं इसी उधेड़- बुन में लग गया कि आखिर
माँ को मनीआर्डर किसने भेजा होगा?
कुछ दिन बाद, एक और पत्र मिला।

चंद लाइनें थीं—आड़ी-तिरछी। -­
बड़ी मुश्किल से खत पढ़ पाया।
लिखा था—“भाई, नौ रुपए तुम्हारे और
इकतालीस रुपए अपनी ओर सेमिलाकर मैंने
तुम्हारी माँ को मनीआर्डर भेज दिया है।

फिकर न करना।….
माँ तो सबकी एक-जैसी होती है न।

वह क्यों भूखी रहे ?…
तुम्हारा—जेबकतर

Friday, September 20, 2013

इंडियन मीडिया हिन्दू-विरोधी क्यों?

इंडियन मीडिया हिन्दू-विरोधी क्यों है, इसका जवाब इन
रिश्तों में मिलेगा >>>>>>>
आपके 10 मिनट आपको मीडिया की सच्चाई बता देगे -
कृपया पोस्ट जरुर पड़े ------

पहले इन रिश्तेदारियों पर एक नज़र डालिये, तब आप
खुद ही समझ जायेंगे कि कैसे और क्यों “मीडिया का अधिकांश हिस्सा” हिन्दुओं और हिन्दुत्व का विरोधी है,

इसका कारण हैं, कम्युनिस्ट-चर्चपरस्त-मुस्लिमपरस्त-
तथाकथित सेकुलरिज़्म परस्तलोगों की आपसी रिश्तेदारी,
सत्ता और मीडिया पर पकड़ और उनके द्वारा एक “गैंग” बना लिया जाना।

किस प्रकार इन लोगों ने एक“नापाक गठजोड़” तैयार कर
लिया है, किस तरह ये सब लोग मिलकर सत्ता संस्थान के शिखरों
के करीब रहते हैं,
किस तरह से इन प्रभावशाली लोगों का सरकारी नीतियों में
दखल होता है… आदि।

पेश हैं रिश्ते ही रिश्ते – (दिल्ली की दीवारों पर लिखा होता है वैसे वाले नहीं, ये हैं असली रिश्ते)

• शोभना भरतिया HINDUSTAN TIMES समूह की
अध्यक्षा हैं।
- शोभना भरतिया केके बिरला की पुत्री और
जीड़ी बिरला की पोती हैं
- शोभना राज्यसभा की सदस्या भी हैं जिन्हें सोनिया ने
नामांकित किया था।
- शोभना को 2005 में पद्मश्री भी मिल चुकी है।
- शोभना भरतिया सिंधिया परिवार की भी नज़दीकी मित्र हैं।

-करण थापर भी HINDUSTAN TIMES हिन्दुस्तान टाइम्स में कालम लिखते हैं।

• करण थापर ITV के मालिक हैं।
- ITV बीबीसी के लिये कार्यक्रमों का भी निर्माण
करती है।
- करण थापर के पिता थे जनरल प्राणनाथ थापर (1962
का चीन युद्ध इन्हीं के नेतृत्व में हारा गया था)।
- करण थापर बेनज़ीर भुट्टो और ज़रदारी के बहुत अच्छे
मित्र हैं।
- करण थापर के मामा की शादी नयनतारा सहगल से हुई
है।
- नयनतारा सहगल, विजयलक्ष्मी पंडित की बेटी हैं।
- विजयलक्ष्मी पंडित, जवाहरलाल नेहरू की बहन हैं।

• राजदीप सरदेसाई पहले NDTV में थे, अब CNN-IBN के
हैं (दोनों ही मुस्लिम + ईसाई supporter चैनल हैं)।
- राजदीप सरदेसाई की पत्नी हैं सागरिका घोष।
- सागरिका घोष के पिता हैं दूरदर्शन के पूर्वमहानिदेशक
भास्कर घोष।
- सागरिका घोष की आंटी रूमा पॉल हैं।
- रूमा पॉल उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश हैं।
- सागरिका घोष की दूसरी आंटी अरुंधती घोष हैं।
- अरुंधती घोष संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई
प्रतिनिधि हैं।

• CNN-IBN का “ग्लोबल बिजनेस नेटवर्क” (GBN) से
व्यावसायिक समझौता है

• GBN टर्नर इंटरनेशनल और नेटवर्क-18 की एक
कम्पनी है।

• NDTV भारत का एकमात्र चैनल है को “अधिकृत रूप से”
पाकिस्तान में दिखाया जाता है।

- बरखा दत्त NDTV में काम करती हैं।
- बरखा दत्त की माँ हैं श्रीमती प्रभा दत्त।
- प्रभा दत्त HINDUSTAN TIMES हिन्दुस्तान टाइम्स की मुख्य रिपोर्टर थीं।

- सुज़ाना अरुंधती रॉय, प्रणव रॉय (एनडीटीवी)
की भांजी हैं।(नेहरु डायनेस्टी टीवी- NDTV)

- अरुंधति एक संस्था के लिए भी कम करती है उसका नाम
है जस्टिस फॉर अफजल गुरु"
- इस संस्था के मेम्बर है प्रशांत भूषण, संदीप पांडे,शबनम
हाशमी, हर्ष मंदर, अरुणा रॉय आदि

- हर्ष मंदार, शबनम हाशमी, अरुणा रॉय एक सरकारी संगठन
NAC के सदस्य है जिसने हिन्दूविरोधी सांप्रदायिक हिंसा बिल
का निर्माण किया

- प्रणव रॉय “काउंसिल ऑन फ़ॉरेन रिलेशन्स” के इंटरनेशनल सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं।
- इसी बोर्ड के एक अन्य सदस्य हैं मुकेश अम्बानी।
- प्रणव रॉय की पत्नी हैं राधिका रॉय।
- राधिका रॉय, बृन्दा करात की बहन हैं।
- बृन्दा करात, प्रकाश करात (CPI) की पत्नी हैं।
- प्रकाश करात चेन्नै के “डिबेटिंग क्लब” ग्रुप के सदस्य
थे।
- एन राम, पी चिदम्बरम और मैथिली शिवरामन भी इस
ग्रुप के सदस्य थे।
- इस ग्रुप ने एक पत्रिका शुरु की थी “रैडिकल रीव्यू”।

- CPI(M) के एक वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी की पत्नी हैं
सीमा चिश्ती।
• सीमा चिश्ती INDIAN EXPRESS की “रेजिडेण्ट एडीटर”
हैं।

• DECCAN CHRONICLE के चेयरमैन हैं टी वेंकटरमन रेड्डी।
- रेड्डी साहब कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य हैं।

• एमजे अकबर DECCAN CHRONICLE और एशियन एज के
सम्पादक हैं।
- एमजे अकबर कांग्रेस विधायक भी रह चुके हैं।
- एमजे अकबर की पत्नी हैं मल्लिका जोसेफ़।
- एम जे अकबर अब प्रभु चावला की जगह सीधी बात मे
आते है !
- मल्लिका जोसेफ़, टाइम्स ऑफ़ इंडिया में कार्यरत हैं।

• राहुल बोस (अभिनेता) खालिद अंसारी के रिश्ते में हैं।
- खालिद अंसारी “ MID-DAY ” पब्लिकेशन के अध्यक्ष हैं।
- खालिद अंसारी एमसी मीडिया लिमिटेड के
भी अध्यक्ष हैं।
- खालिद अंसारी, अब्दुल हमीद अंसारी के पिता हैं।
- अब्दुल हमीद अंसारी कांग्रेसी हैं।

- एवेंजेलिस्ट ईसाई और हिन्दुओं के खास आलोचक जॉन
दयाल MID-DAY के दिल्ली संस्करण के प्रभारी हैं।

- दिलीप डिसूज़ा PIPFD (Pakistan-India Peoples’
Forum for Peace and Democracy) के सदस्य हैं।
- दिलीप डिसूज़ा के पिता हैं जोसेफ़ बेन डिसूज़ा।
- जोसेफ़ बेन डिसूज़ा महाराष्ट्र सरकार के पूर्व सचिव
रह चुके हैं।
- तीस्ता सीतलवाड भी PIPFD की सदस्य हैं।
- तीस्ता सीतलवाड के पति हैं जावेद आनन्द।
- जावेद आनन्द एक कम्पनी सबरंग कम्युनिकेशन और एक
संस्था “मुस्लिम फ़ॉर सेकुलर डेमोक्रेसी” चलाते हैं।
- इस संस्था के प्रवक्ता हैं जावेद अख्तर।
- जावेद अख्तर की पत्नी हैं शबाना आज़मी।

• News24 Hindi Media Channel के मालिक भूतपूर्व
पत्रकार और संपादक राजीव शुक्ल और उनकी पत्नी है
जो कि अब राज्यसभा कांग्रेस सांसद यूनियन मिनिस्टर और
बीसीसीआई के वाइस प्रेसिडेंट और IPL के चेयरमैन भी ह

• IBN-LOKMAT के मालिक और एडिटर इन चीफ दो भाई
जो है कांग्रेसी सांसद विजय दर्डा और राजेद्र दर्डा महाराष्ट्र सरकार मे मंत्री और विधायक ह

• नरसिम्हन राम (यानी एन राम) दक्षिण के प्रसिद्ध
अखबार “ THE HINDU द हिन्दू” के मुख्य सम्पादक हैं।
- एन राम की पहली पत्नी का नाम है सूसन।
- सूसन एक आयरिश हैं जो भारत में ऑक्सफ़ोर्ड पब्लिकेशन
की इंचार्ज हैं।
- विद्या राम, एन राम की पुत्री हैं, वे भी एक
पत्रकार हैं।
- एन राम की हालिया पत्नी मरियम हैं।

- त्रिचूर में आयोजित कैथोलिक बिशपों की एक मीटिंग में
एन राम, जेनिफ़र अरुल और केएम रॉय ने भाग लिया है।
- जेनिफ़र अरुल, NDTV की दक्षिण भारत की प्रभारी हैं।

• जबकि केएम रॉय “ THE HINDU द हिन्दू” के संवाददाता हैं।
- केएम रॉय “मंगलम” पब्लिकेशन के सम्पादक मंडल सदस्य
भी हैं।
- मंगलम ग्रुप पब्लिकेशन एमसी वर्गीज़ ने शुरु किया है।
- केएम रॉय को “ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन
लाइफ़टाइम अवार्ड” से सम्मानित किया गया है।

• एवेंजेलिस्ट ईसाई और हिन्दुओं के खास आलोचक "जॉन
दयाल" MID-DAY के दिल्ली संस्करण के प्रभारी हैं।

• “ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन” के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
हैं "जॉन दयाल।"
- जॉन दयाल “ऑल इंडिया क्रिश्चियन काउंसिल”(AICC)
के सचिव भी हैं।
- AICC के अध्यक्ष हैं डॉ जोसेफ़ डिसूज़ा।
- जोसेफ़ डिसूज़ा ने “दलित फ़्रीडम नेटवर्क”
की स्थापना की है।

• दलित फ़्रीडम नेटवर्क की सहयोगी संस्था है “ऑपरेशन
मोबिलाइज़ेशन इंडिया” (OM India)।
- OM India के दक्षिण भारत प्रभारी हैं कुमार
स्वामी।
- कुमार स्वामी कर्नाटक राज्य के मानवाधिकार आयोग
के सदस्य भी हैं।

- OM India के उत्तर भारत प्रभारी हैं मोजेस परमार।
- OM India का लक्ष्य दुनिया के उन हिस्सों में चर्च
को मजबूत करना है, जहाँ वे अब तक नहीं पहुँचे हैं।

-OMCC दलित फ़्रीडम नेटवर्क (DFN) के साथ काम
करती है।
- DFN के सलाहकार मण्डल में विलियम आर्मस्ट्रांग
शामिल हैं।
- विलियम आर्मस्ट्रांग, कोलोरेडो (अमेरिका) के पूर्व
सीनेटर हैं और वर्तमान में कोलोरेडो क्रिश्चियन
यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेण्ट हैं। यह यूनिवर्सिटी विश्व
भर में ईसा के प्रचार हेतु मुख्य रणनीतिकारों में शुमार
की जाती है।

-DFN के सलाहकार मंडल में उदित राज भी शामिल हैं।
- उदित राज के जोसेफ़ पिट्स के अच्छे मित्र भी हैं।
- जोसेफ़ पिट्स ने ही नरेन्द्र मोदी को वीज़ा न देने के
लिये कोंडोलीज़ा राइस से कहा था।
- जोसेफ़ पिट्स “कश्मीर फ़ोरम” के संस्थापक भी हैं।
- उदित राज भारत सरकार के नेशनल इंटीग्रेशन
काउंसिल (राष्ट्रीय एकता परिषद) के सदस्य भी हैं।
- उदित राज कश्मीर पर बनी एक अन्तर्राष्ट्रीय
समिति के सदस्य भी हैं।

• मेधा पाटकर नर्मदा बचाओ आन्दोलन की मुख्य
प्रवक्ता और कार्यकर्ता हैं।
- नर्मदा बचाओ आन्दोलन को मदद मिलती है पैट्रिक मेकुल्ली
सेजो कि “इंटरनेशनल रिवर्स नेटवर्क (IRN)” संगठन में हैं।
- अंगना चटर्जी IRN की बोर्ड सदस्या हैं।
- अंगना चटर्जी PROXSA (Progressive South Asian
Exchange Network) की भी सदस्या हैं।
- PROXSA संस्था, FOIL (Friends of Indian Leftist) से
पैसा पाती है।
- अंगना चटर्जी के पति हैं रिचर्ड शेपायरो।
- FOIL के सह-संस्थापक हैं अमेरिकी वामपंथी बिजू मैथ्यू।

• रामोजी ग्रुप के मुखिया हैं रामोजी राव।
- रामोजी राव “ईनाडु” (सर्वाधिक खपत वाला तेलुगू
अखबार) के संस्थापक हैं।
- रामोजी राव ईटीवी के भी मालिक हैं।
- रामोजी राव चन्द्रबाबू नायडू के परम मित्रों में से
हैं।

-वाय सेमुअल राजशेखर रेड्डी आंध्रप्रदेश के
मुख्यमंत्री हैं।
- सेमुअल रेड्डी के पिता राजा रेड्डी ने पुलिवेन्दुला में
एक डिग्री कालेज व एक पोलीटेक्नीक कालेज
की स्थापना की।
- सेमुअल रेड्डी ने कहा है कि आंध्रा लोयोला कॉलेज में
पढ़ाई के दौरान वे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उक्त
दोनों कॉलेज लोयोला समूह को दान में दे दिये।

- सेमुअल रेड्डी की बेटी हैं शर्मिला।
- शर्मिला की शादी हुई है “अनिल कुमार” से। अनिल
कुमार भी एक धर्म-परिवर्तित ईसाई हैं जिन्होंने
“अनिल वर्ल्ड एवेंजेलिज़्म” नामक संस्था शुरु की और वे
एक सक्रिय एवेंजेलिस्ट (कट्टर ईसाई धर्म प्रचारक) हैं।

• सेमुअल रेड्डी के पुत्र जगन रेड्डी युवा कांग्रेस नेता हैं।
- जगन रेड्डी “जगति पब्लिकेशन प्रा. लि.” के चेयरमैन
हैं।

-भूमना करुणाकरा रेड्डी, सेमुअल रेड्डी की करीबी हैं।
- करुणाकरा रेड्डी, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम
की चेयरमैन हैं।

- चन्द्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया था कि “लैंको समूह”
को जगति पब्लिकेशन्स में निवेश करने हेतु दबाव
डाला गया था।
- लैंको कम्पनी समूह, एल श्रीधर का है।
- एल श्रीधर, एल राजगोपाल के भाई हैं।
- एल राजगोपाल, पी उपेन्द्र के दामाद हैं।
- पी उपेन्द्र केन्द्र में कांग्रेस के मंत्री रह चुके हैं।

• सन टीवी चैनल समूह के मालिक हैं कलानिधि मारन
- कलानिधि मारन एक तमिल दैनिक “दिनाकरन” के
भी मालिक हैं।

-कलानिधि के भाई हैं दयानिधि मारन।
- दयानिधि मारन केन्द्र में संचार मंत्री थे।
- कलानिधि मारन के पिता थे मुरासोली मारन।
-मुरासोली मारन के चाचा हैं एम करुणानिधि (तमिलनाडु
के मुख्यमंत्री)।

-करुणानिधि ने ‘कैलाग्नार टीवी” का उदघाटन किया।
- कैलाग्नार टीवी के मालिक हैं एम के अझागिरी।
- एम के अझागिरी, करुणानिधि के पुत्र हैं।

- करुणानिधि के एक और पुत्र हैं एम के स्टालिन।
- स्टालिन का नामकरण रूस के नेता के नाम पर
किया गया।

- कनिमोझि, करुणानिधि की पुत्री हैं, और केन्द्र में
राज्यमंत्री हैं।
- कनिमोझी, “द हिन्दू” अखबार में सह-सम्पादक भी हैं।
- कनिमोझी के दूसरे पति जी अरविन्दन सिंगापुर के एक
जाने-माने व्यक्ति हैं।

• स्टार विजय एक तमिल चैनल है।
- विजय टीवी को स्टार टीवी ने खरीद लिया है।
-स्टार टीवी के मालिक हैं रूपर्ट मर्डोक।

• Act Now for Harmony and Democracy (अनहद)
की संस्थापक और ट्रस्टी हैं शबनम हाशमी।
- शबनम हाशमी, गौहर रज़ा की पत्नी हैं।

• “अनहद” के एक और संस्थापक हैं के एम पणिक्कर।
- के एम पणिक्कर एक मार्क्सवादी इतिहासकार हैं,
जो कई साल तक ICHR में काबिज रहे।
- पणिक्कर को पद्मभूषण भी मिला।

• हर्ष मन्दर भी “अनहद” के संस्थापक हैं, मशहूर हिन्दू
विरोधी लेख लिखते है, सोनिया गांधी द्वारा गठित
nac के मेम्बर है जिसने एक कानून बनाया है हिंदुओं के
खिलाफ -सांप्रदायिक लक्षित हिंसा अधिनियम -
- हर्ष मन्दर, अजीत जोगी के खास मित्र हैं।

• अजीत जोगी, सोनिया गाँधी के खास हैं क्योंकि वे
ईसाई हैं और इन्हीं की अगुआई में छत्तीसगढ़ में जोरशोर
से धर्म-परिवर्तन करवाया गया और बाद में
दिलीपसिंह जूदेव ने परिवर्तित आदिवासियों की हिन्दू
धर्म में वापसी करवाई।

• कमला भसीन भी “अनहद” की संस्थापक सदस्य हैं।

• फ़िल्मकार सईद अख्तर मिर्ज़ा “अनहद” के ट्रस्टी हैं।

• मलयालम दैनिक “मातृभूमि” के मालिक हैं
एमपी वीरेन्द्रकुमार
- वीरेन्द्रकुमार जद(से) के सांसद हैं (केरल से)
- केरल में देवेगौड़ा की पार्टी लेफ़्ट फ़्रण्ट की साझीदार
है।

• शशि थरूर पूर्व राजनैयिक हैं।
- चन्द्रन थरूर, शशि थरूर के पिता हैं,जो कोलकाता की आनन्दबाज़ार पत्रिका में संवाददाता थे।
- चन्द्रन थरूर ने 1959 में द स्टेट्समैन”
की अध्यक्षता की।

-शशि थरूर के दो जुड़वाँ लड़के ईशान और कनिष्क हैं,
ईशान हांगकांग में “टाइम्स” पत्रिका के लिये काम करते
हैं।
- कनिष्क लन्दन में “ओपन डेमोक्रेसी” नामक संस्था के
लिये काम करते हैं।
- शशि थरूर की बहन शोभा थरूर
की बेटी रागिनी (अमेरिकी पत्रिका) “इंडिया करंट्स”
की सम्पादक हैं।

• परमेश्वर थरूर, शशि थरूर के चाचा हैं और वे READERS DIGEST भारत संस्करण के संस्थापक सदस्य हैं।

-पत्रकार एन राम की भतीजी की शादी दयानिधि मारन से हुई है।

यह बात साबित हो चुकी है कि मीडिया का एक बडा और खास
वर्ग हिन्दुत्व का विरोधी है, इस वर्ग के लिये भाजपा-
संघ के बारे में नकारात्मक प्रचार करना, हिन्दू रीति-रिवाजों, हिन्दू साधु-सन्तों सभी की आलोचना करना एक “धर्म”
के समान है।

इसका कारण हैं, कम्युनिस्ट-चर्चपरस्त-मुस्लिमपरस्त-
तथाकथित सेकुलरिज़्म परस्तलोगों की आपसी रिश्तेदारी,
सत्ता और मीडिया पर पकड़ और उनके द्वारा एक “गैंग” बना लिया जाना।

यदि कोई समूह या व्यक्ति इस गैंग के सदस्य बन जायें,
प्रिय पात्र बन जायें तब उनके और उनकी बिरादरी के
खिलाफ़ कोई खबर आसानी से नहीं छपती।

जबकि हिन्दुत्व पर ये सब लोग मिलजुलकर जमावडा
लगाकर हमला बोलते हैं।

(नोट – यह जानकारियाँ नेट पर उपलब्ध विभिन्नवेबसाईट्स, फ़ोरम आदि पर आधारित हैं, इसमेंहमारा अपनी तरफ़ से कोई
विशेष योगदान नहीं है। अपनी तरफ़ से कोई और रिश्ता उजागर करना चाहते हों तो वहभी इसमें जोड़ें…)

जानकारी आपको कैसी लगी।
अवश्य बताये। ………

Saturday, July 27, 2013

कॉँग्रेस कि सरकार से,हर हिंदुस्तानी हारा !!!




मनमोहन जी कोयला खा गये ,लालू खा गये चारा !!
 सारे जहाँ से अच्छा ,लोकतंत्र हमारा !!!

घोटाले के रेलमंत्री कहते ,भांजा नही हमारा !!
 महगाई की मार से रोता ,आम आदमी सारा !!!
सज्जन कुमार को बरी करके ,कहते है निर्दोष बेचारा !!
 भारत को लूटने के चक्कर मे ,राहुल रहा कुवारा !!!

फोन काल अब सस्ती हो गयी, दाल का चढ गया पारा !!
 घोटालो पे घोटाला करके, कहते दोष नही हमारा !!!

राजा खा गये टॉवर, बंसल खा गये रेल !!
 कॉँग्रेस के मंत्रियो का ऐसा ही है खेल !!!

जात पात के चक्कर का है ,वोट बैंक ये सारा !! 
हिन्दु मुस्लिम के चक्कर मे ,हर हिंदुस्तानी हारा !!!

राजनीति के चक्कर मे ,शहीद हुआ सरबजीत बेचारा !!
 आईपीएल की धूम मची है ,काम छोड गये सारा !!!

नेता जी यह देख रहे है ,किसने छक्का मारा !!
 चारो तरफ लूट मची है ,देश बेच गये सारा !!!

वो कहते 28 रुपये वाला नही गरीब,मिलता है यहा 5 रुपये मे खाना!!
 कॉँग्रेस कि सरकार से,हर हिंदुस्तानी हारा !!!

एक हम ही पागल है जो दिनभर इनके पोल खोले ,बाकी साले हमसे भी बडे पागल है जो पढ कर भी बिना कॉमेंट,शेयर किये आगे निकले !!!
सारे जहाँ से अच्छा लोकतंत्र हमारा ...!!!!!!!